जयपुर, 08 अप्रैल 2026। प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने और आम नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अनजान कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित ‘संचार साथी’ प्लेटफॉर्म के अंतर्गत उपलब्ध चक्षु पोर्टल का उपयोग करने की अपील की है।
साइबर क्राइम शाखा के उपमहानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि चक्षु पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शिकायत दर्ज होने पर केवल फर्जी मोबाइल नंबर ही नहीं, बल्कि उस फोन के IMEI नंबर को भी ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इससे अपराधी उसी मोबाइल का उपयोग कर दोबारा ठगी नहीं कर पाता।
पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को कॉल, SMS या सोशल मीडिया के माध्यम से हुई संदिग्ध गतिविधि की जानकारी, समय-तारीख और स्क्रीनशॉट अपलोड करना होता है।
किन मामलों में तुरंत करें रिपोर्ट
राजस्थान पुलिस के अनुसार यदि कुरियर, बैंक KYC अपडेट, नौकरी के ऑफर या सरकारी अधिकारी बनकर धमकी देने जैसी कॉल या मैसेज प्राप्त होते हैं, तो तुरंत चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट करें। विशेष रूप से +92, +84 या +62 जैसे विदेशी नंबरों से आने वाले संदिग्ध कॉल्स से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
किस स्थिति में कहाँ करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है —
- केवल संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर: चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट करें
- पैसे की ठगी हो जाने पर: तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
- मोबाइल चोरी या गुम होने पर: CEIR पोर्टल के माध्यम से फोन ब्लॉक करवाएं
राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी साइबर घटना की स्थिति में तुरंत साइबर पुलिस स्टेशन, हेल्पलाइन 1930 या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 एवं 9257510100 पर सूचना दें।
पुलिस ने संदेश दिया है — “सतर्क रहें, डिजिटल रूप से सुरक्षित रहें।”
