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राजस्थान सरकार ने साइबर सुरक्षा को लेकर जारी की एडवाइजरी, “डिजिटल अरेस्ट” और कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से सतर्क रहने की अपील

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जयपुर, 09 फरवरी। राजस्थान सरकार ने साइबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता को लेकर आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” ठगी और कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम जैसी बढ़ती साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं से सावधान रहने की अपील की गई है।

क्या है डिजिटल अरेस्ट घोटाला

डिजिटल अरेस्ट ठगी में साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED), नारकोटिक्स विभाग या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से फर्जी कानूनी मामलों की धमकी देकर पीड़ितों से पैसे ऐंठे जाते हैं।

इस तरह की जाती है ठगी

ठग IVR कॉल, फोन या वीडियो कॉल के जरिए संपर्क कर खुद को पुलिस, CBI, ED, FBI या दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताते हैं। कई मामलों में फर्जी पुलिस स्टेशन, वर्दी और बैकग्राउंड का भी उपयोग किया जाता है।
पीड़ितों पर FedEx/DHL जैसी कूरियर कंपनियों से नशीले पदार्थ, नकली पासपोर्ट या अवैध सिम भेजने, आधार या बैंक खातों के दुरुपयोग, मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए जाते हैं।
कुछ मामलों में परिवार के किसी सदस्य को दुर्घटना या अपराध में फंसाने की धमकी दी जाती है। पीड़ितों को Skype या WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार वीडियो कॉल में बनाए रखा जाता है, ताकि वे किसी अन्य से संपर्क न कर सकें। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने, मामला निपटाने, जुर्माना या सत्यापन शुल्क के नाम पर पैसों की मांग की जाती है।

ये बातें हमेशा याद रखें

  • कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी डिजिटल रूप से गिरफ्तारी नहीं करती।

  • कोई भी सरकारी अधिकारी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करता।

  • WhatsApp, Skype या Telegram पर कोई आधिकारिक जांच नहीं होती।

कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से भी रहें सावधान

एडवाइजरी में कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम को भी गंभीर खतरा बताया गया है। इसमें अपराधी कूरियर या डिलीवरी एजेंट बनकर कॉल करते हैं और पीड़ित से एक USSD कोड डायल करवा लेते हैं।

कैसे होती है यह ठगी

ठग पार्सल कन्फर्मेशन या री-शेड्यूलिंग के बहाने संपर्क करते हैं और SMS के जरिए 21, 61 या 67 से शुरू होने वाला USSD कोड डायल करने को कहते हैं। कोड डायल करते ही कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय हो जाती है और बैंक सत्यापन कॉल, OTP तथा WhatsApp/Telegram वेरिफिकेशन कॉल सीधे ठगों तक पहुंच जाती हैं, जिससे बैंक खाते, डिजिटल वॉलेट और सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने का खतरा बढ़ जाता है।

बचाव के उपाय

  • किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति द्वारा बताए गए USSD कोड कभी डायल न करें

  • कॉल फॉरवर्डिंग बंद करने के लिए तुरंत ##002# डायल करें।

  • SMS, WhatsApp या ईमेल से आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें

  • डिलीवरी या कूरियर से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत हेल्पलाइन से ही सत्यापित करें।

गृह विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। साइबर अपराध की स्थिति में नजदीकी पुलिस थाना, साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।
राजस्थान पुलिस का साइबर व्हाट्सएप नंबर 9256001930 है। वित्तीय नुकसान होने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराना आवश्यक है।

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