मुख्यमंत्री के निर्देशों पर प्रदेशभर में निगरानी समितियां गठित, कालाबाजारी रोकने के सख्त आदेश
जयपुर | 11 मार्च 2026
घरेलू रसोई गैस आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताते हुए आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने हेतु मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के 9 मार्च के एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई गई है, लेकिन घरेलू गैस सप्लाई पूरी तरह सुचारू रूप से जारी है।
अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को निर्बाध गैस आपूर्ति
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्नपूर्णा रसोइयों में रसोई गैस की नियमित एवं निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
राज्य व जिला स्तर पर बनेगी निगरानी कमेटी
घरेलू गैस सिलेंडर आपूर्ति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर निगरानी समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों में पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। समितियां स्टॉक, परिवहन और वितरण व्यवस्था पर नजर रखेंगी तथा कालाबाजारी व अवैध उपयोग पर रोक लगाएंगी।
कालाबाजारी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर
गैस सिलेंडर से संबंधित शिकायतें निम्न हेल्पलाइन नंबरों पर दर्ज कराई जा सकती हैं —
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पुलिस हेल्पलाइन: 112
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राजस्थान संपर्क: 181
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उपभोक्ता मामले हेल्पलाइन: 14435
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति से आमजन को अवगत कराने के लिए जिला स्तर पर प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग की जाए, जिससे किसी प्रकार की भ्रामक स्थिति उत्पन्न न हो।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि विभागीय स्तर पर मुख्यमंत्री के निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित की जाएगी। वहीं ऑयल कंपनियों ने जानकारी दी कि ई-केवाईसी एवं डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से गैस वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।
