जयपुर में पीसीपीएनडीटी टीम की डिकॉय कार्रवाई, अवैध सोनोग्राफी मशीन जब्त
जयपुर, 20 मार्च। नवरात्रि के पावन अवसर पर जहां देशभर में मातृ शक्ति की पूजा-अर्चना की जा रही है, वहीं राजस्थान में ‘बेटी बचाओ’ अभियान को मजबूत करते हुए पीसीपीएनडीटी टीम ने राजधानी जयपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन और एक कार जब्त की गई तथा डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव एवं अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशन में गठित डिकॉय टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
डिकॉय ऑपरेशन से हुआ खुलासा
मुखबिर योजना के तहत सूचना मिली थी कि जयपुर और आसपास के जिलों में पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए अवैध भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। इसके बाद एडिशनल एसपी डॉ. हेमंत जाखड़ की निगरानी में सीआई सत्यपाल यादव के नेतृत्व में टीम बनाई गई।
डिकॉय गर्भवती महिला को सांगानेर स्थित कुबेर हेल्थ केयर बुलाया गया, जहां आरोपी डॉक्टर शेर सिंह राजावत ने भ्रूण लिंग जांच के लिए 80 हजार रुपये लिए। इसके बाद महिला को अलग स्थान पर ले जाकर पोर्टेबल मशीन से जांच कर गर्भ में लड़की होने की जानकारी दी गई।
महिला द्वारा सूचना मिलते ही टीम ने मयूर रेजिडेंसी स्थित फ्लैट पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ लिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं —
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हरी कुमावत (मुख्य आरोपी)
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शिला देवी
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डॉ. शेर सिंह राजावत
जबकि आरोपी जगबीर फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी केवल 10वीं पास है और बिना किसी मेडिकल डिग्री के अवैध रूप से सोनोग्राफी कर रहा था।
पहले भी दर्ज हैं मामले
पीसीपीएनडीटी परियोजना निदेशक डॉ. राकेश मीणा के अनुसार मुख्य आरोपी हरी कुमावत के खिलाफ पहले भी भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में एफआईआर दर्ज हैं। इस बार वह पोर्टेबल मशीन के जरिए शातिर तरीके से अवैध गतिविधि चला रहा था।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सरकार सख्त
एनएचएम एमडी डॉ. अमित यादव ने कहा कि प्रदेश में भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। आमजन से भी अपील की गई है कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें ताकि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
