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राजस्थान को बड़ी सौगात: पचपदरा रिफाइनरी परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी, लागत बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये, हजारों रोजगार के अवसर

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नई दिल्ली/बालोतरा, 08 APRAIL/ राजस्थान के औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला बड़ा फैसला केंद्र सरकार ने लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) परियोजना की संशोधित लागत और अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दे दी है।

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी परियोजना की कुल लागत को पहले के 43,129 करोड़ रुपये से बढ़ाकर अब 79,459 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को परियोजना में 8,962 करोड़ रुपये अतिरिक्त इक्विटी निवेश की अनुमति दी गई है। इसके बाद एचपीसीएल का कुल निवेश बढ़कर करीब 19,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।

 संयुक्त उद्यम के रूप में चल रही है परियोजना

पचपदरा रिफाइनरी परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसमें HPCL की 74 प्रतिशत और राज्य सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 क्या-क्या उत्पादन करेगी रिफाइनरी?

यह अत्याधुनिक रिफाइनरी केवल पेट्रोल और डीजल ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी तैयार करेगी। अनुमानित उत्पादन क्षमता इस प्रकार रहेगी—

  • प्रतिवर्ष 1 मिलियन मीट्रिक टन पेट्रोल
  • 4 मिलियन मीट्रिक टन डीजल
  • 1 मिलियन मीट्रिक टन पॉलीप्रोपाइलीन
  • 0.5 मिलियन मीट्रिक टन एलएलडीपीई
  • 0.5 मिलियन मीट्रिक टन एचडीपीई
  • करीब 0.4 मिलियन मीट्रिक टन बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडीन

ये उत्पाद परिवहन, फार्मा, प्लास्टिक, पेंट और पैकेजिंग उद्योगों के लिए अहम कच्चा माल साबित होंगे।

 ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

केंद्र सरकार का मानना है कि इस परियोजना से:

  • पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात में कमी आएगी
  • विदेशी मुद्रा की बचत होगी
  • भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी
  • देश को रिफाइनिंग हब बनाने में मदद मिलेगी

रिफाइनरी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मंगला कच्चे तेल के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।

 रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना निर्माण के दौरान अब तक करीब 25,000 श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है। रिफाइनरी शुरू होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे बालोतरा और आसपास के पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक विकास तेज होगा।

 कब शुरू होगा संचालन?

सरकार के अनुसार परियोजना की निर्धारित वाणिज्यिक संचालन तिथि (SCOD) 1 जुलाई 2026 तय की गई है। इसके शुरू होते ही राजस्थान देश के प्रमुख पेट्रोकेमिकल केंद्रों में शामिल हो सकता है।

 परियोजना की खास बातें

  • क्षमता: 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष (MMTPA)
  • पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता: 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष
  • स्थान: पचपदरा, जिला बालोतरा (राजस्थान)
  • प्रकार: ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स
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