जयपुर, 08 फरवरी 2026। जयपुर स्थित नाहरगढ़ जैविक उद्यान वर्ष 2026 में सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। वन्यजीवों के दीदार और रोमांचक सफारी अनुभव के चलते वर्ष 2026 के अब तक के मात्र 39 दिनों में 57 हजार से अधिक पर्यटक नाहरगढ़ जैविक उद्यान का भ्रमण कर चुके हैं।
रविवार को 3,177 सैलानियों ने किया भ्रमण
एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि रविवार को सुहावने मौसम और अवकाश के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक नाहरगढ़ जैविक उद्यान पहुंचे। इस दौरान कुल 3,177 सैलानियों ने उद्यान का भ्रमण कर वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अनुभव प्राप्त किया।
लायन और टाइगर सफारी बनी आकर्षण का केंद्र
उन्होंने बताया कि इस दौरान लायन सफारी और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण रहीं। कुल 284 पर्यटकों ने लायन एवं टाइगर सफारी का रोमांचक अनुभव लिया। बाघों की गर्जना और शेरों की शाही चाल ने सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जयपुर ही नहीं, बाहर से आने वाले पर्यटकों की भी पहली पसंद
नाहरगढ़ जैविक उद्यान में संचालित टाइगर और लायन सफारी इन दिनों न केवल जयपुरवासियों, बल्कि राज्य व देश के अन्य हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण बनी हुई हैं। शहर के समीप प्राकृतिक हरियाली और वन्यजीवों का यह संगम पर्यटकों को पारिवारिक सैर के साथ रोमांच का अनूठा अनुभव दे रहा है।
व्यवस्थाओं पर रही कड़ी निगरानी
उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में उद्यान में पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ एवं रेंजर शुभम शर्मा द्वारा रविवार को सफारियों की सघन मॉनिटरिंग कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
टूरिज्म मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण की बेहतर व्यवस्था
एसीएफ देवेन्द्र सिंह राठौड़ की देखरेख में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम द्वारा सफारी संचालन एवं भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। टिकटिंग, वाहन सुविधा, मार्गदर्शन और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में पर्यटकों को पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया।
राज्य के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार
वन विभाग की सतत निगरानी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज राज्य के प्रमुख और लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है। यह उद्यान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए शिक्षाप्रद और मनोरंजक अनुभव का केंद्र बनता जा रहा है।
इस दौरान राजाराम मीणा, विजेंद्र चौधरी, दलीप सिंह शेखावत, सोनू मीणा, कैलाश चंद्र, सरिता चौधरी, गोकुल मीणा, बसंती गुर्जर, विमला मीणा, हंसा कुमारी, बनवारी लाल शर्मा, ओम प्रकाश, सुरेश चंद मीणा, भंवर सिंह आमला सहित अन्य कार्मिकों ने व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
