कोटा 21 फरवरी। Mukundra Hills Tiger Reserve (एमएचटीआर) में रीवाइल्डिंग कार्यक्रम के तहत रखी गई बाघिन एमटी-7 को शनिवार को रेडियो कॉलर पहनाया गया। यह कदम उसे जंगल में छोड़े जाने की प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में उठाया गया है।
बाघिन एमटी-7 को शावक अवस्था में उसकी मां की मौत के बाद Ranthambore Tiger Reserve से रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद करीब 22 माह तक उसे Abheda Biological Park में रखा गया, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसे जीवित शिकार पर प्रशिक्षण देकर प्राकृतिक शिकार कौशल विकसित कराया गया।

14 माह तक पांच हेक्टेयर एनक्लोजर में निगरानी
प्रशिक्षण के बाद बाघिन को मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के पांच हेक्टेयर के रीवाइल्डिंग एनक्लोजर में लगभग 14 माह तक रखा गया। इस दौरान उसने सफल शिकार कर स्वाभाविक जंगली व्यवहार प्रदर्शित किया, जिससे उसकी रीवाइल्डिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
NTCA की मंजूरी के बाद लगाया गया रेडियो कॉलर
National Tiger Conservation Authority (एनटीसीए) की टीम द्वारा मूल्यांकन के बाद रीवाइल्डिंग योजना को स्वीकृति दी गई। इसके तहत बाघिन को रेडियो कॉलर लगाकर बड़े, 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर में शिफ्ट करने की अनुमति मिली।
निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार फील्ड अधिकारियों, विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और वन्यजीव जीवविज्ञानियों की समिति की मौजूदगी में रेडियो कॉलर लगाया गया। इसके बाद बाघिन को 21 हेक्टेयर के विस्तारित एनक्लोजर में छोड़ दिया गया है, जहां उसकी सतत मॉनिटरिंग की जाएगी।
अंतिम फैसला मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक करेंगे
बाघिन को खुले जंगल में छोड़ने का अंतिम निर्णय उसके प्रदर्शन, निरंतर निगरानी रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सिफारिश के आधार पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (Chief Wildlife Warden) द्वारा लिया जाएगा।
