जयपुर, 25 फरवरी।
सीकर जिले में स्थित विश्वविख्यात तीर्थ खाटूश्यामजी में आयोजित फाल्गुनी लक्खी मेला 2026 इस वर्ष आस्था, अनुशासन और आधुनिक प्रबंधन का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा है। 21 से 28 फरवरी तक चलने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन में लगभग 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राजस्थान पुलिस, जिला प्रशासन और श्री श्याम मंदिर कमेटी ने मिलकर व्यापक और हाईटेक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में मेला क्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। तकनीक आधारित निगरानी, सुव्यवस्थित यातायात और मानवीय दृष्टिकोण के साथ पुलिस बल मेले को सफल और सुरक्षित बनाने में जुटा हुआ है।
तैयारियों का अंतिम निरीक्षण
मुख्य मेला एवं फाल्गुन एकादशी के मद्देनज़र सीकर पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने पुलिस अधीक्षक सीआईडी अपराध शाखा ज्येष्ठा मैत्रेयी के साथ मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंदिर परिसर, मेला बाजार और पार्किंग स्थलों का जायजा लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सतर्कता के साथ सेवा भाव बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
मेले की विशालता को देखते हुए पूरे क्षेत्र को 22 सेक्टर और 350 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। लगभग 5,000 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जबकि केंद्रीय कंट्रोल रूम से रीयल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं को दर्शन की स्थिति, प्रतीक्षा समय और मौसम की जानकारी देने के लिए 44 डिजिटल एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं।
सुव्यवस्थित यातायात और पार्किंग
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार यातायात प्रबंधन को विशेष रूप से सरल बनाया गया है। प्रतिदिन आने वाले करीब 25 हजार वाहनों के लिए चार बड़े नि:शुल्क पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिन्हें रंग-कोडिंग के माध्यम से पहचाना जा सकता है। पार्किंग स्थलों से दर्शन केंद्र तक ई-रिक्शा सेवा संचालित की जा रही है, जिससे जाम की समस्या कम हुई है।
पदयात्रियों और दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम
रींगस से खाटू तक 17 किलोमीटर लंबा वाहन-मुक्त पैदल कॉरिडोर तैयार किया गया है, जहां पेयजल, प्रकाश और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं के लिए विशेष वाहनों और व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। पुलिसकर्मी स्वयं उन्हें सम्मानपूर्वक दर्शन करवा रहे हैं, जिससे मानवीय संवेदना का संदेश भी दिया जा रहा है।
सहायता केंद्र और आपात सेवाएं
मेला क्षेत्र में 12 पुलिस सहायता बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां गुमशुदा व्यक्तियों, खोए सामान और अन्य समस्याओं पर त्वरित सहायता मिल रही है। श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 और 9667600788 जारी किए गए हैं।
नवाचार और सामाजिक संदेश
इस बार मेले में पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने के लिए सेल्फी प्रतियोगिता आयोजित की गई है। साथ ही, नशामुक्ति अभियान और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, जिससे भक्ति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी फैलाया जा सके।
आस्था के साथ विश्वास
फाल्गुनी लक्खी मेले में जहां एक ओर “श्याम नाम” की गूंज है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान पुलिस की सतर्कता, संवेदनशीलता और सेवा भावना श्रद्धालुओं में विश्वास जगा रही है। यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सुशासन, तकनीक और मानवीय मूल्यों का जीवंत उदाहरण बन गया है।
