नई दिल्ली। 01 फ़रवरी / केंद्र सरकार का आम बजट आज सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार देश का बजट प्रस्तुत कर रही हैं। इस बजट से देश के मध्यम वर्ग, किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों को कई अहम उम्मीदें हैं। मौजूदा आर्थिक हालात और महंगाई को देखते हुए सरकार पर संतुलित और विकासोन्मुख बजट लाने का दबाव है।
मध्यम वर्ग को टैक्स राहत की आस
बजट से पहले सबसे ज्यादा चर्चा आयकर में संभावित राहत को लेकर हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार टैक्स स्लैब में बदलाव या स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग को राहत दे सकती है। इससे लोगों की बचत बढ़ेगी और बाजार में मांग को मजबूती मिलेगी।
किसानों पर रह सकता है खास फोकस
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं। कृषि योजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाने, फसली बीमा को मजबूत करने और सिंचाई परियोजनाओं पर जोर दिए जाने की संभावना है। साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और कृषि लागत कम करने को लेकर भी सरकार कुछ अहम कदम उठा सकती है।
रोजगार और युवाओं के लिए योजनाएं
युवाओं को रोजगार देने और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए बजट में नई योजनाओं की घोषणा हो सकती है। स्किल डेवलपमेंट, तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रमों पर सरकार का खास ध्यान रहने की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर जोर
सरकार सड़क, रेल, बिजली और शहरी विकास जैसी बुनियादी सुविधाओं पर पूंजीगत खर्च बढ़ा सकती है। इससे न केवल विकास को गति मिलेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। राज्यों को भी केंद्र से अतिरिक्त सहयोग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए राहत
महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों और गरीब वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाओं को और मजबूत किया जा सकता है। स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास योजनाओं में बजट बढ़ने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, आज पेश होने वाला केंद्रीय बजट देश की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार आम जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है।
