भारत के परमाणु कार्यक्रम को मिली नई गति, थोरियम आधारित ऊर्जा भविष्य की दिशा में अहम कदम
नई दिल्ली, 6 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित स्वदेशी रूप से विकसित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल करने पर देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी है। इस उपलब्धि को भारत की असैन्य परमाणु ऊर्जा यात्रा में एक निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सफलता भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण में उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाती है और देश की वैज्ञानिक क्षमता तथा इंजीनियरिंग कौशल का मजबूत प्रमाण है।
क्या है फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की खासियत
प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर एक उन्नत परमाणु रिएक्टर तकनीक है, जिसकी विशेषता यह है कि यह जितना परमाणु ईंधन उपयोग करता है, उससे अधिक ईंधन उत्पन्न करने की क्षमता रखता है। इससे ऊर्जा उत्पादन अधिक टिकाऊ और दीर्घकालिक बन सकता है।
थोरियम कार्यक्रम को मिलेगा बल
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि भारत के परमाणु कार्यक्रम के तीसरे चरण के लिए रास्ता तैयार करती है, जिसमें देश के विशाल थोरियम भंडार का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। भारत विश्व के उन देशों में शामिल है जहां थोरियम का बड़ा भंडार मौजूद है, जिससे भविष्य में स्वच्छ और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण बताते हुए इस परियोजना से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की मेहनत और समर्पण की प्रशंसा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर भी इस उपलब्धि को भारत की वैज्ञानिक ताकत का प्रतीक बताया।
