खैरथल-तिजारा, 03 Aprail ।
खैरथल-तिजारा के पूर्व जिला कलेक्टर एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी किशोर कुमार के असमय निधन से पूरे जिले सहित प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही खैरथल-तिजारा, अलवर सहित प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आमजन ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जानकारी के अनुसार 4 जनवरी 1969 को जन्मे आईएएस किशोर कुमार 57 साल की उम्र के थे। जो कि लंबे समय से बीमार चल रहे थे उनका इलाज जयपुर में चल रहा था। जिनका 3 अप्रैल 2026 शुक्रवार को दोपहर 12:00 बजे निधन हो गया।
कुमार एक संवेदनशील, सरल और जनसेवा को समर्पित अधिकारी के रूप में पहचाने जाते थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासन और आम जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया, जिसके कारण वे लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे।
खैरथल-तिजारा में यादगार रहा कार्यकाल
किशोर कुमार ने 7 सितंबर 2024 से 27 नवंबर 2025 तक खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर के रूप में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
उनका कार्यकाल एक सक्रिय, संवेदनशील और जनोन्मुखी प्रशासन के रूप में आज भी लोगों की स्मृतियों में जीवित है। वे आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और मौके पर समाधान करने के लिए जाने जाते थे।
सिंधी समाज में “मामा” के नाम से थे प्रसिद्ध
समाजसेवी सुमित रोघा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि किशोर कुमार का सिंधी समाज से विशेष लगाव था। क्षेत्र में उनके पारिवारिक संबंध भी रहे, जिसके कारण समाज के लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “मामा” कहकर संबोधित करते थे। वे सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाते थे और लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहते थे।
सरल स्वभाव और जनसेवा बनी पहचान
पुरुषार्थी समाज के युवा समाजसेवी सौरभ कालरा ने बताया कि किशोर कुमार केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील व्यक्तित्व थे। उनका व्यवहार बेहद सहज और विनम्र था। आम नागरिकों से सीधे संवाद और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण उन्होंने जनता का गहरा विश्वास जीता।
प्रशासन और समाज के लिए अपूरणीय क्षति
उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना प्रशासनिक सेवा और समाज दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है।
खैरथल-तिजारा क्षेत्र के लोगों ने उन्हें जनहित में कार्य करने वाले अधिकारी के रूप में याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनकी सेवाएं सदैव प्रेरणा देती रहेंगी।
