मनीष बावलिया /एनसीआर संदेश /अलवर, 04 फरवरी। होली के रंगों का उत्साह कई बार त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण भी बन जाता है। रंग खेलने के बाद त्वचा पर हल्की खुजली, जलन, लालपन या छोटे रैशेज होना आम बात मानी जाती है, जो सामान्यतः एक-दो दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन कुछ स्थितियों में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है, जिसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।
क्यों होती है स्किन रिएक्शन की समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल, डाई और धातु तत्व मिलाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों, बच्चों और एलर्जी से पीड़ित व्यक्तियों में इसका असर जल्दी दिखाई देता है।
सामान्य लक्षण कौन-से हैं
होली खेलने के बाद हल्की खुजली, सूखापन, लाल धब्बे या जलन होना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है। ऐसे मामलों में त्वचा को साफ पानी से धोना, मॉइस्चराइज़र लगाना और त्वचा को आराम देना पर्याप्त होता है।
कब हो सकती है गंभीर समस्या
यदि त्वचा पर सूजन बढ़ने लगे, तेज जलन हो, फफोले बन जाएं, लगातार खुजली रहे या चेहरे व आंखों के आसपास सूजन दिखाई दे तो यह एलर्जिक रिएक्शन का संकेत हो सकता है। सांस लेने में परेशानी, आंखों में तेज जलन या त्वचा से पानी निकलना जैसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
क्या रखें सावधानी
- रंग खेलने के बाद तुरंत साबुन की जगह हल्के क्लींजर से त्वचा साफ करें।
- त्वचा को रगड़कर साफ करने से बचें।
- नारियल तेल या मॉइस्चराइज़र का उपयोग करें।
- समस्या बढ़ने पर घरेलू इलाज की बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सही देखभाल करने से अधिकांश त्वचा समस्याओं से बचा जा सकता है और होली के बाद भी त्वचा स्वस्थ रखी जा सकती है।
