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दो दिन की होली का कन्फ्यूजन! कहीं आज तो कहीं कल उड़ेगा रंग, जानिए असली कारण

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अलवर, 03 फरवरी । इस बार होली का त्योहार कई स्थानों पर दो दिन मनाया जा रहा है। जिले सहित देश के अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं आज रंगों की होली खेली जा रही है तो कई जगह कल धुलंडी मनाई जाएगी। इसे लेकर लोगों में उत्सुकता भी है कि आखिर होली अलग-अलग दिन क्यों खेली जा रही है।

तिथि और मुहूर्त बना कारण

दरअसल, होली का पर्व फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि और होलिका दहन के शुभ मुहूर्त के आधार पर मनाया जाता है। इस वर्ष पूर्णिमा तिथि और भद्रा काल के समय को लेकर पंचांगों में मतभेद देखने को मिला। कुछ पंचांगों के अनुसार होलिका दहन का शुभ समय एक दिन माना गया, जबकि अन्य पंचांग अगले दिन को अधिक शुभ बता रहे हैं। इसी कारण अलग-अलग स्थानों पर धुलंडी (रंगों की होली) की तिथि भी बदल गई।

भद्रा काल का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता। जहां भद्रा का प्रभाव देर तक रहा, वहां होलिका दहन देर रात या अगले दिन किया गया। परिणामस्वरूप कई शहरों और गांवों में रंगों की होली अगले दिन खेली जा रही है।

स्थानीय परंपराएं भी बनी वजह

कई क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही स्थानीय परंपराओं के अनुसार भी होली अलग दिन मनाने की परंपरा है। पहले होलिका दहन और अगले दिन धुलंडी होती है, जबकि कुछ स्थानों पर एक दिन का अंतर रखा रहा है ।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जिस दिन भी होली मनाएं, शांति, भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार का आनंद लें तथा कानून-व्यवस्था का पालन करें।

 

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