अलवर, 27 फरवरी 2026।धर्मनगरी अलवर में इस वर्ष होली का पर्व पारंपरिक उल्लास, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार 2 मार्च 2026 (सोमवार) को होलिका दहन और 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को रंगों की होली मनाई जाएगी। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
पंडितों के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात में 1.26 बजे से 2.38 तक रहेगा, जिसमें विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। कई स्थानों पर सामूहिक भजन-कीर्तन और फाग कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
3 मार्च: रंगों और फाग उत्सव की धूम
रंगों की होली 3 मार्च की सुबह से शुरू होगी। शहर में गुलाल, अबीर, फूलों की होली और डीजे-फाग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। युवाओं में खास उत्साह देखा जा रहा है, वहीं बुजुर्ग पारंपरिक ढोलक और फाग गीतों के साथ उत्सव मनाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी चौपालों पर सामूहिक होली मिलन समारोह आयोजित किए जाएंगे।
बाजारों में बढ़ी रौनक
अलवर के होप सर्कस, घंटाघर बाजार और सर्राफा बाजार में रंग-गुलाल, पिचकारी, हर्बल कलर और मिठाइयों की बिक्री तेज हो गई है। मिठाई विक्रेताओं के अनुसार इस बार गुजिया, मावा कचौरी और नमकीन की मांग में खास बढ़ोतरी देखी जा रही है।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के विशेष इंतजाम
होली को देखते हुए जिला प्रशासन और अलवर पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. शहर में गश्त बढ़ाई जाएगी।शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जबरन रंग न लगाएं और शांति व सौहार्द बनाए रखें।
पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित होली की अपील
सामाजिक संगठनों और प्रशासन ने रासायनिक रंगों से बचने, हर्बल रंगों का उपयोग करने और पानी की बर्बादी न करने की अपील की है। साथ ही, होलिका दहन में हरे पेड़ों की लकड़ी न जलाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया है।
