जयपुर, 06 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य की कृषि उपज मंडी समितियों के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियों में 40 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से कृषि उपज मंडी समिति जैसलमेर, रायसिंहनगर (श्रीगंगानगर), नोखा (बीकानेर), कोटपूतली, मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर), भादरा (हनुमानगढ़), सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर), चौमूं-जयपुर (अनाज), कोटा (अनाज), लालसोट (दौसा), खेरली, सवाईमाधोपुर, रामगंजमंडी (कोटा), डूंगरपुर, पहाड़ी (डीग), सोजत (पाली), गोविंदगढ़ (अलवर), टिब्बी (हनुमानगढ़), गोलूवाला (हनुमानगढ़), मंडावरी (दौसा) एवं डीग में यार्ड निर्माण, विद्युत संबंधी कार्य तथा संपर्क सड़कों के निर्माण कार्य करवाए जाएंगे।
इन विकास कार्यों से कृषि उपज मंडियों का आधारभूत ढांचा सुदृढ़ होगा तथा अन्नदाता किसानों एवं व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
781 किसान विश्राम स्थलों के निर्माण को भी मंजूरी
इसी प्रकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आमजन एवं किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडियों में किसान विश्राम स्थलों के निर्माण की अभिनव पहल को भी स्वीकृति दी है।
इस पहल के तहत प्रथम चरण में प्रदेश की विभिन्न 116 मंडियों में 46 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से 781 किसान विश्राम स्थलों का निर्माण कराया जाएगा।
इन विश्राम स्थलों के निर्माण से किसानों को वर्षा, गर्मी एवं सर्दी के मौसम में मंडियों में ठहरने एवं विश्राम की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
मंडियों का आधारभूत ढांचा होगा मजबूत
राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि उपज मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर किसानों एवं व्यापारियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे कृषि विपणन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और सुगम बने।
