नई दिल्ली, 5 अप्रैल। भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा आम चुनावों और उपचुनावों के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और अन्य प्रलोभन सामग्री जब्त की है। यह कार्रवाई आदर्श आचार संहिता के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तथा छह राज्यों में उपचुनाव की घोषणा की थी। इसके बाद से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए निगरानी और प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया गया।
सख्त निगरानी और समीक्षा बैठकें
आयोग ने चुनावी राज्यों एवं उनसे जुड़े 12 सीमावर्ती राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई समीक्षा बैठकें आयोजित कीं। अधिकारियों को हिंसा-मुक्त, भय-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
5 हजार से अधिक उड़न दस्ते तैनात
चुनाव के दौरान निगरानी के लिए:
- 5,173 से अधिक उड़न दस्ते तैनात किए गए
- 5,200 से अधिक स्थैतिक निगरानी दल औचक नाकेबंदी के लिए लगाए गए
- शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर करने का लक्ष्य तय
अब तक की कुल जब्ती (5 अप्रैल 2026 तक)
| राज्य | कुल जब्ती (₹ करोड़) |
|---|---|
| पश्चिम बंगाल | 319 |
| तमिलनाडु | 170 |
| असम | 97 |
| केरल | 58 |
| पुडुचेरी | 7 |
| कुल | 651.51 करोड़ रुपये |
जब्त सामग्री में नकद राशि, लाखों लीटर शराब, नशीले पदार्थ, कीमती धातुएं और मतदाताओं को लुभाने के लिए बांटे जाने वाले मुफ्त उपहार शामिल हैं।
नागरिक भी कर सकते हैं शिकायत
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत नागरिक और राजनीतिक दल ECINET प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ‘C-Vigil’ मॉड्यूल के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं।
