गुवाहाटी, 17 फरवरी 2026।। आगामी असम विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियों की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ गुवाहाटी में दो दिवसीय समीक्षा दौरे (17–18 फरवरी) के पहले दिन विस्तृत बैठक की।
राजनीतिक दलों से लिया फीडबैक
समीक्षा के पहले चरण में आयोग ने आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, असम गण परिषद, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट सहित राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। आयोग ने सभी दलों को अपनी चिंताएं, सुझाव और विचार रखने का अवसर दिया, ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।
अधिकांश दलों ने चुनाव एक चरण में या अधिकतम दो चरणों में कराने का सुझाव दिया। साथ ही बिहू पर्व को ध्यान में रखते हुए चुनाव तिथियों के निर्धारण की मांग भी रखी गई। राजनीतिक दलों ने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया की सामान्यतः सराहना की और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए कई सुझाव दिए।
प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
राजनीतिक दलों से बातचीत के बाद आयोग ने आईजी, डीआईजी, जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और एसएसपी के साथ चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, चुनाव कर्मियों का प्रशिक्षण, ज़ब्ती अभियान, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और जनसंपर्क गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि चुनाव संविधान, संबंधित कानूनों और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कराए जाएंगे। आयोग ने सभी डीईओ, एसएसपी और राज्य प्रशासन को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने और राजनीतिक दलों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मतदाता-अनुकूल मतदान केंद्र और सोशल मीडिया निगरानी
आयोग ने निर्देश दिया कि मतदान केंद्रों को उत्सवपूर्ण, स्वागतयोग्य और मतदाता-अनुकूल बनाया जाए, ताकि मतदाताओं को सुखद मतदान अनुभव मिल सके। साथ ही सभी डीईओ और एसपी को सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की कड़ी निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
चुनाव आयोग की इस समीक्षा को असम में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी विधानसभा चुनाव की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
