नई दिल्ली | हेल्थ डेस्क
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शुगर रोग (डायबिटीज) एक गंभीर और तेजी से बढ़ने वाली बीमारी बन चुकी है। भारत में करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। सही जानकारी और समय पर सावधानी से इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या है शुगर रोग (Diabetes)?
शुगर रोग वह स्थिति है, जब शरीर में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। यह तब होता है जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन हार्मोन नहीं बना पाता या बना हुआ इंसुलिन सही ढंग से काम नहीं करता। इंसुलिन का कार्य शुगर को ऊर्जा में बदलना होता है, लेकिन इसकी कमी से शुगर खून में जमा होने लगती है।
शुगर रोग के प्रकार
टाइप-1 डायबिटीज आमतौर पर बच्चों और युवाओं में पाई जाती है, जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है और जीवनभर इंसुलिन लेना पड़ता है।
टाइप-2 डायबिटीज सबसे अधिक पाई जाती है, जो गलत खान-पान और जीवनशैली से जुड़ी होती है।
गर्भावस्था डायबिटीज महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान होती है और डिलीवरी के बाद अक्सर ठीक हो जाती है।
शुगर रोग होने के कारण
असंतुलित भोजन, अधिक मीठा सेवन, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव, पारिवारिक इतिहास, धूम्रपान, शराब सेवन और बढ़ती उम्र इसके प्रमुख कारण हैं।
शुगर रोग के लक्षण
बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान, अचानक वजन में बदलाव, घाव का देर से भरना और आंखों से धुंधला दिखना इसके सामान्य लक्षण हैं।
शुगर रोग में जरूरी सावधानियां
नियमित ब्लड शुगर जांच, संतुलित आहार, मीठा और जंक फूड कम करना, रोजाना व्यायाम, वजन नियंत्रण, तनाव से दूरी और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है।
शुगर रोग का उपचार
शुगर रोग पूरी तरह समाप्त नहीं होता, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह से दवाइयां, जरूरत पड़ने पर इंसुलिन, संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम जरूरी है।
इलाज में लापरवाही से क्या नुकसान?
अगर शुगर को नजरअंदाज किया जाए तो यह हृदय रोग, किडनी खराब, आंखों की रोशनी कम होना, नसों को नुकसान और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
निष्कर्ष
शुगर रोग से डरने की नहीं, समझदारी से निपटने की जरूरत है। सही जीवनशैली, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से स्वस्थ जीवन संभव है।
