जयपुर, 09 फ़रवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रबुद्धजनों ने मुलाकात की। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बिश्नोई समाज के संतों, प्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों ने राज्य विधानसभा में खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और उनका अभिनंदन किया। संतों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।
70 वर्षों बाद खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून की पहल: संत समाज
मुकाम पीठाधीश्वर रामानन्द जी महाराज ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रदेश में 70 वर्षों बाद खेजड़ी वृक्ष की रक्षा के लिए कानून बनाने की पहल सराहनीय है, जिससे समाज में हर्ष का वातावरण है। वहीं, महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 27 अगस्त 2025 को संतों एवं पर्यावरण प्रेमियों से खेजड़ी संरक्षण को लेकर सुझाव लिए थे और अब उन्हें धरातल पर उतारने की घोषणा कर दी है।
खेजड़ी और पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार खेजड़ी और पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संतों एवं प्रतिनिधियों से सुझाव लेकर खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाने का आश्वासन दिया गया था, जिसकी प्रक्रिया अब प्रारंभ हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही खेजड़ी संरक्षण के लिए विधेयक लाया जाएगा।
बिश्नोई समाज की परंपरा से मिली पर्यावरण रक्षा की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों, नदियों और पर्वतों की पूजा की जाती है तथा संत-ऋषि समाज को सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने भगवान जम्भेश्वर जी और मां अमृता देवी को नमन करते हुए कहा कि जांभोजी द्वारा प्रतिपादित 29 नियम आज भी पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मॉडल हैं।
उन्होंने ‘‘जीव दया पालनी, रुख लीलौ नहीं घावै’’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि पेड़ों और जीवों की रक्षा भी भक्ति का स्वरूप है।
5 वर्षों में 50 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार ने वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया है। बीते दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि आगामी पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
संतों का सम्मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुकाम पीठाधीश्वर रामानन्द जी महाराज, महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी सहित सभी संतों को दुपट्टा ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री के.के. विश्नोई, राजस्थान राज्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई, पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई सहित बड़ी संख्या में संत, महंत, आचार्य एवं बालोतरा, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, जोधपुर, फलौदी, जालोर और श्रीगंगानगर जिलों से आई बिश्नोई समाज की महिलाएं एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
