नई दिल्ली, 31 मार्च 2026। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जनगणना-2027 की विस्तृत जानकारी साझा की। दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना इस बार कई नई तकनीकी सुविधाओं के साथ आयोजित की जाएगी।
सबसे खास बात यह है कि पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी और नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा।
1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा पहला चरण
जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित होगी—
▶ पहला चरण — मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (HLO)
- अवधि: अप्रैल से सितंबर 2026 (राज्य अनुसार 30 दिन)
- मकानों की स्थिति, सुविधाएं और परिसंपत्तियों की जानकारी जुटाई जाएगी
- इससे पहले 15 दिन की Self-Enumeration सुविधा उपलब्ध रहेगी
▶ दूसरा चरण — जनसंख्या गणना
- फरवरी 2027 में आयोजित होगी
- प्रत्येक व्यक्ति से सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा, प्रवास व अन्य जानकारी ली जाएगी
- इस चरण में जातिगत गणना भी शामिल होगी
पहली बार डिजिटल जनगणना
इस बार पूरी प्रक्रिया आधुनिक तकनीक से होगी—
- प्रगणक मोबाइल ऐप से डेटा एकत्र करेंगे
- स्मार्टफोन के जरिए सीधे जानकारी अपलोड होगी
- ऑनलाइन पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध रहेगा
- डेटा सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं
Self-Enumeration क्या है? (नई सुविधा)
अब नागरिक स्वयं भी अपनी जानकारी भर सकेंगे—
कैसे करें Self-Enumeration:
- se.census.gov.in पोर्टल पर जाएं
- मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें
- लोकेशन चिन्हित करें
- परिवार की जानकारी भरें
- सबमिट करने पर SE ID प्राप्त होगी
- प्रगणक को SE ID देने पर डेटा सत्यापित होगा
इस सुविधा से लोग घर-घर सर्वे से पहले ही अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
किन राज्यों में 1 अप्रैल से शुरुआत
अंडमान-निकोबार, NDMC व दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में—
- 1–15 अप्रैल 2026: Self-Enumeration
- 16 अप्रैल–15 मई 2026: मकान सूचीकरण
राजस्थान में कब होगी जनगणना?
राजस्थान सहित दिल्ली नगर निगम, महाराष्ट्र और झारखंड में—
- 1 मई–15 मई 2026: Self-Enumeration
- 16 मई–14 जून 2026: मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना
30 लाख से अधिक अधिकारी होंगे शामिल
पूरे देश में जनगणना कार्य में—
- 30 लाख से अधिक प्रगणक व पर्यवेक्षक
- 36 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश
- लगभग 6.39 लाख गांव
- हजारों शहर और उप-जिले शामिल होंगे
सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹11,718.24 करोड़ की स्वीकृति दी है।
2011 के बाद पहली जनगणना
- पिछली जनगणना: 2011
- जनगणना-2027:
- भारत की 16वीं जनगणना
- स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना
संदर्भ तिथि: 1 मार्च 2027 (00:00 बजे) निर्धारित की गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है जनगणना?
जनगणना के आंकड़ों के आधार पर—
- सरकारी योजनाएं बनती हैं
- संसाधनों का वितरण तय होता है
- शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास नीति तैयार होती है
