गुवाहाटी, 5 मार्च। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर देश के पहले नदी-आधारित प्रकाशस्तंभ परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना अंतर्देशीय जलमार्गों में सुरक्षित नौवहन और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
समारोह का आयोजन गुवाहाटी के लाचित घाट पर किया गया, जहां चार नदी तटीय प्रकाशस्तंभों के निर्माण की घोषणा की गई। ये प्रकाशस्तंभ असम के पांडु, बोगीबील, सिलघाट और बिश्वनाथ घाट में बनाए जाएंगे। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 84 करोड़ रुपये बताई गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ब्रह्मपुत्र पर बनने वाले ये प्रकाशस्तंभ सुरक्षित नौवहन के साथ-साथ पर्यटन को भी नई दिशा देंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रकाशस्तंभ लगभग 20 मीटर ऊंचा होगा और इसे पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा।



इन परियोजनाओं के तहत केवल नौवहन सुविधाएं ही नहीं, बल्कि पर्यटन को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्थल पर संग्रहालय, एम्फीथिएटर, कैफेटेरिया, बच्चों का खेल क्षेत्र, स्मारिका दुकान और सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जलमार्ग के माध्यम से माल ढुलाई की लागत सड़क और रेल की तुलना में काफी कम होती है और इससे कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है।
उन्होंने बताया कि ब्रह्मपुत्र जलमार्ग यानी राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) पर हाल के वर्षों में माल ढुलाई में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में इस जलमार्ग पर माल परिवहन में करीब 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कार्यक्रम में असम सरकार के पर्यटन मंत्री रणजीत कुमार दास, परिवहन मंत्री चरण बोरो, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री जयंता मल्लाबरुआ, गुवाहाटी सांसद बिजुली कलिता मेधी और विधायक सिद्धार्थ भट्टाचार्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार इन प्रकाशस्तंभों के निर्माण से ब्रह्मपुत्र जलमार्ग पर 24 घंटे सुरक्षित नौवहन, बेहतर माल परिवहन और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
