जयपुर, 31 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के 41 जिलों में जिला कलक्टर्स तथा अन्य अधिकारियों ने पशुपालन विभाग के विभिन्न श्रेणी के पशु चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने राज्य सरकार की ओर से पशुपालकों को उपलब्ध कराई जा रही पशु चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता तथा व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया।
मुख्यमंत्री के निर्देशन में शनिवार को प्रदेश के 41 जिलों में कुल 1017 संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 68 पॉलीक्लिनीक, 246 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, 299 पशु चिकित्सालय, 83 ब्लॉक वेटनरी हेल्थ ऑफिस तथा 321 उप चिकित्सा केंद्र शामिल हैं। इस दौरान पशु चिकित्सा संस्थानों में साफ-सफाई सहित जरूरी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। वहीं, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में एक हजार पशुपालकों से संवाद किया गया। इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पशु चिकित्सा संस्थानों में आवश्यकतानुसार सुधार के भी निर्देश दिए।
जिला कलक्टर्स, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर्स, उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदार तथा विकास अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान विभिन्न श्रेणी के पशु चिकित्सालयों एवं उप-केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता, टीकाकरण व्यवस्था, चिकित्सकीय उपकरण, साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण एवं स्टाफ की उपस्थिति की समीक्षा की गई। इस निरीक्षण में मौके पर उपस्थित पशुपालकों से अधिकारियों ने संवाद कर समस्याएं जानी और उनके सुझाव प्राप्त किए।
राज्य सरकार पशुपालकों के कल्याण और पशुओं के गुणवत्तापूर्ण उपचार के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शनिवार को प्रदेश में किए इस निरीक्षण से पशु चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 25 जनवरी को प्रदेशभर में जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा संस्थानों का भी गहन औचक निरीक्षण किया गया था।
