अलवर, 08 फरवरी । अलवर ने रविवार को अपने इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। पहली बार आयोजित अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन ने शहर को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित कर दिया। इस ऐतिहासिक आयोजन में करीब 18,000 से अधिक देसी-विदेशी धावकों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा शहर खेल, उत्साह और जोश से सराबोर नजर आया।
अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम से मैराथन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने संयुक्त रूप से फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। इस मौके पर मैराथन के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता रणदीप हुड्डा की मौजूदगी ने आयोजन को और भी खास बना दिया।


देश-विदेश के धावकों से गुलजार रहा अलवर
मैराथन में भारत सहित विभिन्न देशों से आए धावकों ने भाग लिया। सुबह से ही सड़कों पर दौड़ते प्रतिभागी, तालियों से स्वागत करते शहरवासी और जगह-जगह उत्साहवर्धन करते स्वयंसेवक नजर आए। आयोजन ने अलवर को एक दिन के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल नगरी में बदल दिया। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मीनारायण गुप्ता ने किया। इस दौरान वी शक्ति ट्रस्ट संस्थापक प्रज्ञा यादव सहित भाजपा के सभी विधायक, नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सांसद खेल उत्सव के अंतर्गत हुआ भव्य आयोजन
यह अंतरराष्ट्रीय मैराथन अलवर सांसद खेल उत्सव के अंतर्गत आयोजित की गई। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, टाइगर सेविंग मिशन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना रहा।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी ने साबित कर दिया कि अलवर अब खेल और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस मैराथन के माध्यम से सरिस्का टाइगर रिजर्व और वन्यजीव संरक्षण को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।
वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन अलवर के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से न केवल खेलों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। इतनी बड़ी संख्या में देश-विदेश के धावकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि अलवर अब अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए पूरी तरह सक्षम है।
प्रशासन और पुलिस की सराहनीय भूमिका
अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की भूमिका सराहनीय रही। मैराथन रूट पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा और अनुशासन की बेहतर व्यवस्था देखने को मिली। पुलिस बल, स्वयंसेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों की मुस्तैदी के चलते आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ, जिसकी प्रतिभागियों और आयोजकों ने खुले मंच से प्रशंसा की।
