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मुख्य सचिव की युवा कलेक्टरों से बैठक, अलवर समेत 7 जिलों के प्रशासनिक मुद्दों पर हुआ मंथन

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शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर अपराध, हरियालो राजस्थान और जल जीवन मिशन की समीक्षा, फील्ड की चुनौतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर लिया फीडबैक

जयपुर, 2 सितंबर 2026। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में युवा जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में अलवर, भरतपुर, दौसा, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर और करौली के जिला कलेक्टर शामिल हुए।

बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर अपराध की रोकथाम, हरियालो राजस्थान और जल जीवन मिशन सहित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों से फील्ड स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों, योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक नवाचारों को लेकर फीडबैक लिया।

नागरिक केंद्रित और परिणामोन्मुखी प्रशासन पर जोर

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता नागरिक केंद्रित, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी शासन होनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की वास्तविक स्थिति का मौके पर जाकर आकलन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों को समझते हुए उनके अनुरूप प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। फील्ड में अधिकारियों की सक्रियता का सीधा असर आमजन को मिलने वाली सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है।

अलवर समेत जिलों में शिक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस

बैठक में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सरकारी विद्यालयों में सुरक्षित एवं मजबूत आधारभूत ढांचा, स्वच्छ पेयजल और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिला कलेक्टरों से स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने और आधारभूत सुविधाओं में सामने आने वाली कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में स्कूल आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए 3 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश

मुख्य सचिव ने जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया। उन्होंने जिला कलेक्टरों से सीएमएचओ और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखने को कहा।

बैठक में विशेष रूप से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की निगरानी और चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर के चिकित्सा संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी से जुड़ी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जा सकता है।

साइबर अपराध पर भी अधिकारियों को किया अलर्ट

बैठक में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर गठित समितियों को सक्रिय रखने और विभिन्न विभागों एवं संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे नए और संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर उन पर तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई।

साथ ही साइबर अपराध से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 1930 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करने और आमजन को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।

हरियालो राजस्थान में पौधों के संरक्षण पर जोर

मुख्य सचिव ने हरियालो राजस्थान अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण तक अभियान को सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई, ताकि पौधरोपण के दीर्घकालिक और प्रभावी परिणाम सामने आ सकें।

जल जीवन मिशन के कामों की गुणवत्ता पर नजर

बैठक में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता और उन्हें समय पर पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने जिला कलेक्टरों को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सहित संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर फील्ड में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

युवा कलेक्टरों को नवाचार और तकनीक के इस्तेमाल की सलाह

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि जिला कलेक्टर प्रशासन और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। फील्ड में उनकी सक्रियता से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकता है।

उन्होंने युवा अधिकारियों को नवाचार, तकनीक और बेहतर प्रशासनिक पद्धतियों का इस्तेमाल करते हुए नागरिक केंद्रित प्रशासन को और प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित किया।

बैठक में अलवर, भरतपुर, दौसा, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर एवं करौली के जिला कलेक्टर उपस्थित रहे।

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