अलवर, 12 अगस्त 2026। नगर निगम अलवर में सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिलने का मामला अब राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है। बुधवार को नगर निगम परिसर में उस समय माहौल गरमा गया, जब आयुक्त के चैंबर के बाहर भाजपा और कांग्रेस से जुड़े नेता-कार्यकर्ता आमने-सामने धरने पर बैठ गए।
मामला वर्ष 2012 में हुई सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़ा है। नियुक्ति पत्र जारी नहीं होने से कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कर्मचारियों के समर्थन में वन मंत्री संजय शर्मा भी नगर निगम पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
आयुक्त के चैंबर के बाहर आमने-सामने धरना
बुधवार को नगर निगम परिसर में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अलग-अलग धरने से राजनीतिक माहौल गरमा गया। दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी बात रखी गई। भाजपा से संजय नरुका, जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, मुन्ना लाला शर्मा, राजेंद्र कसाना, सतीश यादव, रजनीश जैमन, जितेंदर सैनी, देवेंद्र रासगनिया सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत, रमन सैनी, अंकित गोयल, विक्रम यादव, दिन बंधु शर्मा, राहुल पटेल, दिपेन्द्र सैनी, सतीश पटेल,रामकिशन वर्मा, धर्मपल यादव सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे.
इस घटनाक्रम के चलते नगर निगम परिसर में काफी गहमागहमी बनी रही।
आयुक्त सोहन सिंह नरुका का एक दिन पहले हुआ तबादला
मामले के बीच नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरुका का एक दिन पहले ही तबादला हुआ है । आयुक्त के तबादले के बाद सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
नियुक्ति पत्र को लेकर गरमाया विवाद
सफाई कर्मचारियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। वहीं, वन मंत्री संजय शर्मा ने भी कर्मचारियों के समर्थन में धरना देते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
अब यह मामला केवल कर्मचारियों की नियुक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान का मुद्दा भी बनता दिखाई दे रहा है।
फिलहाल नगर निगम परिसर में धरना जारी है। सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस विवाद का समाधान किस तरह निकालता है और सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र कब तक जारी किए जाते हैं।
