जयपुर, 17 APRAIL। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार द्वारा स्कूली पाठ्यक्रम से इतिहास की महत्वपूर्ण पुस्तकों को हटाए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस निर्णय को प्रदेश की गौरवशाली विरासत पर सीधा हमला बताया है।
जूली ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार राजस्थान के शौर्य और बलिदान के इतिहास का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से दूर करने की सोची-समझी साजिश है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजस्थान की धरती वीरता, त्याग और बलिदान की कहानियों से भरी हुई है, लेकिन सरकार इन ऐतिहासिक तथ्यों को पाठ्यक्रम से हटाकर प्रदेश की पहचान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अध्यायों को हटाया गया और अब सुनियोजित तरीके से पूरे इतिहास को बदला जा रहा है।
जूली ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार” की नीतियां प्रदेश को पीछे ले जाने वाली हैं और जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने इसे राजस्थान की अस्मिता पर हमला बताते हुए कहा कि इतिहास को बदलने से सच्चाई नहीं मिटाई जा सकती।
इस मुद्दे पर जूली ने भजनलाल शर्मा से प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत प्रभाव से राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को पुनः पाठ्यपुस्तकों में शामिल करे।
जूली ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अपने इतिहास के साथ हो रहे इस व्यवहार को याद रखेगी और समय आने पर इसका जवाब देगी।
