अलवर, 17 अप्रैल। जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव (लू) को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बताया कि आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत लू-तापघात से बचाव के लिए सभी आवश्यक उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि आमजन को जागरूक करना प्राथमिकता है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। उन्होंने बताया कि लोग मौसम की ताजा जानकारी के लिए रेडियो, टीवी, समाचार पत्र या मोबाइल ऐप का उपयोग करें और सतर्क रहें।
गर्मी से बचाव के लिए लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस, छाछ, लस्सी और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने, सिर को ढकने, धूप का चश्मा और सनस्क्रीन का उपयोग करने की भी अपील की गई है।
श्रमिकों और नियोक्ताओं के लिए विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि कार्यस्थलों पर ठंडे पानी, छाया, प्राथमिक उपचार किट और ओआरएस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही भारी काम सुबह या शाम के समय ही कराया जाए और दोपहर में श्रमिकों को आराम दिया जाए।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि बच्चों और पालतू जानवरों को कभी भी बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। घरों को ठंडा रखने के लिए पंखे, गीले कपड़े और ठंडे पानी से स्नान का सहारा लें। पर्यावरण संरक्षण के तहत पेड़ लगाने और कचरा न जलाने की अपील भी की गई है।
लू से प्रभावित व्यक्ति के लिए प्राथमिक उपचार में शरीर का तापमान कम करना, गीले कपड़े से सिर ढकना, ओआरएस या शरबत देना और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना जरूरी बताया गया है। गंभीर लक्षण दिखने पर उच्च स्तरीय अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं को छाया में रखने, ठंडा पानी उपलब्ध कराने और दोपहर के समय काम न लेने की सलाह दी गई है। शेड को ठंडा रखने के लिए विशेष उपाय अपनाने पर जोर दिया गया है।
प्रशासन ने दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचने, भारी काम न करने और कैफीन व अल्कोहल से दूरी बनाए रखने की भी अपील की है।
