डेस्क न्यूज, 05 APRAIL। भारत में “नमस्ते” कहकर हाथ जोड़ना सिर्फ अभिवादन नहीं बल्कि संस्कृति, सम्मान और शांति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह परंपरा केवल भारत तक सीमित नहीं है? दुनिया के कई देशों में भी लोग ठीक इसी तरह हाथ जोड़कर अभिवादन करते हैं।
इस खास मुद्रा को अंजलि मुद्रा (Anjali Mudra) कहा जाता है, जो विनम्रता, आदर और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है।
नेपाल में भी ‘नमस्ते’ का वही अंदाज
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में लोग रोजमर्रा की जिंदगी में “नमस्ते” या “नमस्कार” कहकर हाथ जोड़ते हैं। यहां की संस्कृति भारतीय परंपराओं से काफी मिलती-जुलती है और अभिवादन का तरीका भी लगभग समान है।
थाईलैंड में ‘वाई’ कहलाता है नमस्ते
थाईलैंड में हाथ जोड़कर अभिवादन करने की परंपरा को “वाई” (Wai) कहा जाता है। यहां लोग हल्का सा सिर झुकाकर “सावत दी” बोलते हैं, जो सम्मान व्यक्त करने का सबसे सामान्य तरीका माना जाता है।
इन देशों में भी मिलती है ऐसी ही परंपरा
हाथ जोड़कर अभिवादन करने की संस्कृति अन्य एशियाई देशों में भी देखने को मिलती है —
- 🇰🇭 कंबोडिया — “साम्पिया”
- 🇱🇦 लाओस — “नॉप”
- 🇱🇰 श्रीलंका
- 🇧🇹 भूटान
- 🇲🇲 म्यांमार
- 🇮🇩 इंडोनेशिया (खासकर बाली क्षेत्र)
हालांकि इन देशों में बोले जाने वाले शब्द अलग-अलग हैं, लेकिन सम्मान जताने का तरीका लगभग एक जैसा ही है।
क्यों खास है अंजलि मुद्रा?
विशेषज्ञों के अनुसार, हाथ जोड़कर अभिवादन करना अहंकार को कम करने और सामने वाले के प्रति सम्मान दिखाने का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि “नमस्ते” आज पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति की पहचान बन चुका है।
