जोधपुर | 03 अप्रैल 2026
All India Institute of Medical Sciences Jodhpur (एम्स जोधपुर) ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुर्लभ बीमारी ‘लाफिंग एपिलेप्सी’ (Gelastic Seizures) के इलाज के लिए अत्याधुनिक सर्जरी सफलतापूर्वक शुरू कर दी है। इसके साथ ही एम्स जोधपुर राजस्थान का एकमात्र अस्पताल और देश का दूसरा एम्स बन गया है, जहां यह अत्यधिक विशेषीकृत न्यूरोसर्जरी सुविधा उपलब्ध है।
क्या है ‘लाफिंग एपिलेप्सी’?
लाफिंग एपिलेप्सी मिर्गी का बेहद दुर्लभ और जटिल प्रकार है, जो हाइपोथैलेमिक हैमार्टोमा नामक मस्तिष्क की समस्या के कारण होता है। इसमें मरीजों को अचानक हंसी जैसे दौरे पड़ते हैं, जो दवाओं से नियंत्रित नहीं हो पाते।
सर्जरी से पहले कुछ बच्चों को रोजाना 10 से 20 बार तक दौरे आते थे, जिससे उनकी पढ़ाई, मानसिक विकास और सामान्य जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा था।
बिना ओपन ब्रेन सर्जरी के हुआ इलाज
एम्स जोधपुर की विशेषज्ञ टीम ने न्यूनतम इनवेसिव स्टीरियोटैक्टिक रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन तकनीक का उपयोग किया।
- कंप्यूटर गाइडेड स्टीरियोटैक्टिक फ्रेम तकनीक अपनाई गई
- मस्तिष्क के गहरे हिस्से में स्थित समस्या वाले ऊतक को लक्षित किया गया
- केवल लगभग 1 इंच के छोटे चीरे से सर्जरी पूरी हुई
- ओपन ब्रेन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी
48 घंटे में डिस्चार्ज, मरीज हुए दौरे मुक्त
चारों मरीजों ने सर्जरी के बाद बेहतर प्रतिक्रिया दी और किसी भी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई। सभी मरीजों को 48 घंटे के भीतर सुरक्षित डिस्चार्ज कर दिया गया और अब वे पूरी तरह दौरे मुक्त हैं।
यह परिणाम इस तकनीक की सुरक्षा और प्रभावशीलता को साबित करता है।
किन डॉक्टरों की टीम ने किया कमाल
इस सफल सर्जरी में विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम शामिल रही —
- न्यूरोलॉजिकल मूल्यांकन: डॉ. सम्हिता पांडा, डॉ. लोकेश सैनी
- एडवांस MRI लोकेलाइजेशन: डॉ. सरबेश तिवारी
- एनेस्थीसिया सहयोग: डॉ. स्वाति छाबड़ा, डॉ. मनबीर कौर
- सर्जरी: डॉ. मोहित अग्रवाल
टीम ने डॉ. दीपक के. झा और डॉ. सूर्यनारायणन भास्कर के शैक्षणिक मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण बताया।
2019 से चल रहा है मिर्गी सर्जरी कार्यक्रम
एम्स जोधपुर में वर्ष 2019 से व्यापक एपिलेप्सी सर्जरी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 100 से अधिक सफल सर्जरी की जा चुकी हैं।
विशेष बात यह है कि ये सभी सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
नेतृत्व की अहम भूमिका
संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी के नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन को इस उपलब्धि का प्रमुख आधार बताया गया।
यह उपलब्धि एम्स जोधपुर की उन्नत, रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक न्यूरोसर्जरी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
