नई दिल्ली/जयपुर | 01 अप्रैल 2026
केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास के लिए चिह्नित किया गया है। स्टेशन के आधुनिकीकरण कार्य को मंजूरी मिल चुकी है और निर्माण कार्य तेज गति से जारी है।
स्टेशन पर क्या-क्या काम हो चुका है
रेल मंत्रालय के अनुसार उदयपुर सिटी स्टेशन पर:
- पूर्वी और पश्चिमी दिशा में स्टेशन भवन का संरचनात्मक कार्य पूरा
- बेसमेंट निर्माण कार्य पूर्ण
- भवन के दोनों हिस्सों में फिनिशिंग कार्य शुरू
- प्लेटफॉर्म क्षेत्र के उन्नयन का कार्य जारी
रेलवे का लक्ष्य स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस सिटी सेंटर के रूप में विकसित करना है।
अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है?
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के रेलवे स्टेशनों को दीर्घकालिक मास्टर प्लान के आधार पर आधुनिक बनाया जा रहा है। अब तक:
- 1,338 रेलवे स्टेशन विकास के लिए चिन्हित
- इनमें 15 स्टेशन PPP मॉडल (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) से विकसित किए जा रहे हैं
- 208 स्टेशनों पर निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है
यात्रियों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
योजना के अंतर्गत स्टेशनों पर निम्न सुविधाएं विकसित की जा रही हैं:
✅ बेहतर प्रवेश एवं यातायात व्यवस्था
✅ आधुनिक स्टेशन भवन
✅ प्रतीक्षालय, शौचालय और बैठने की उन्नत व्यवस्था
✅ लिफ्ट, एस्केलेटर और रैंप
✅ चौड़े फुटओवर ब्रिज और एयर कॉन्कोर्स
✅ प्लेटफॉर्म कवर और सतह सुधार
✅ दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं
✅ आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली
✅ “एक स्टेशन एक उत्पाद” के तहत स्थानीय उत्पादों के कियोस्क
✅ पार्किंग और मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी
उत्तर-पश्चिम रेलवे को मिला बड़ा बजट
उदयपुर सिटी स्टेशन उत्तर-पश्चिम रेलवे ज़ोन के अंतर्गत आता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राहक सुविधाओं के विकास हेतु योजना शीर्ष-53 के तहत ₹907 करोड़ का आवंटन किया गया है।
समय सीमा क्यों तय नहीं
रेल मंत्रालय के अनुसार स्टेशन पुनर्विकास जटिल प्रक्रिया है, जिसमें सुरक्षा मानक, विभिन्न सरकारी स्वीकृतियां, बिजली लाइन, पाइपलाइन, केबल शिफ्टिंग और ट्रेन संचालन प्रभावित न हो — इन सभी कारणों से परियोजना की निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई है।
PPP मॉडल का सफल उदाहरण
मध्य प्रदेश का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पहले ही PPP मॉडल के तहत विकसित किया जा चुका है, जहां निजी निवेश से स्टेशन को आधुनिक रूप दिया गया।
