जयपुर | 21 मार्च 2026/ गुलाबी नगरी जयपुर में आयोजित गणगौर महोत्सव 2026 की शाही सवारी ने शनिवार को सांस्कृतिक वैभव और परंपरा का अद्भुत नजारा पेश किया। सिटी पैलेस परिसर से शाम 5:45 बजे रवाना हुई गणगौर माता की शाही सवारी के साथ ही पूरा शहर आस्था, रंग और लोक संस्कृति में सराबोर हो गया।
पालकियों में विराजी गणगौर माता के दर्शन
नगाड़ों की गूंज, शहनाई की मधुर धुन और “गौर माता की जय” के जयकारों के बीच सजी-धजी पालकियों में विराजी गणगौर माता के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। जैसे-जैसे सवारी आगे बढ़ी, जनसैलाब भी बढ़ता गया।

पुष्पवर्षा से हुआ भव्य स्वागत
त्रिपोलिया गेट से छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार तक सवारी मार्ग पर लोगों ने छतों और बालकनियों से पुष्पवर्षा कर गणगौर माता का स्वागत किया। पूरे मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
देशी-विदेशी पर्यटकों ने कैद किए खास पल
गणगौर की शाही सवारी की अनोखी झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। देसी और विदेशी सैलानी इस सांस्कृतिक आयोजन को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद करते नजर आए।

210 लोक कलाकारों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा
शोभायात्रा में शामिल 210 लोक कलाकारों ने राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत कर दिया।
कच्छी घोड़ी, गैर, कालबेलिया, चरी और घूमर नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं रावणहत्था, भपंग और शहनाई की धुनों ने माहौल को सुरमयी बना दिया।
32 पारंपरिक लवाजमों से सजी भव्य शोभायात्रा
इस बार सवारी में 32 पारंपरिक लवाजमे शामिल रहे, जिनमें सुसज्जित हाथी, ऊंट दल, घोड़े, विक्टोरिया कैरिज और विभिन्न बैंड आकर्षण का केंद्र बने। पहली बार शामिल शंकर बैंड ने आयोजन में विशेष रंग भर दिया।
लाइव प्रसारण से दुनिया ने देखी परंपरा
गणगौरी बाजार पहुंचने पर उत्सव अपने चरम पर नजर आया। शाही सवारी का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिससे देश-विदेश में बसे राजस्थानियों ने इस भव्य आयोजन के दर्शन किए।
