नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान वैश्विक मुद्दों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संयुक्त राष्ट्र सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महासचिव गुटेरस की उस पहल का स्वागत किया, जिसमें मानवता के हित में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक वैश्विक वैज्ञानिक पैनल गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि एआई जैसी उभरती तकनीकों का उपयोग समावेशी विकास और वैश्विक कल्याण के लिए किया जाना चाहिए।
महासचिव गुटेरस ने AI Impact Summit 2026 के सफल आयोजन में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका की सराहना की। साथ ही उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र के साथ भारत के लंबे और मजबूत सहयोग को भी सराहा।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के मौजूदा दौर में बहुपक्षवाद को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें देशों के बीच विश्वास की कमी प्रमुख है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना पुरानी हो चुकी है और उसमें सुधार कर विकासशील देशों को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी दी जानी चाहिए।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा कि संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार आवश्यक है। उन्होंने ‘UN-80’ पहल को सुधारों के लिए एक सकारात्मक मंच बताते हुए कहा कि किसी भी पुनर्गठन प्रक्रिया में विकासशील देशों की विकासात्मक प्राथमिकताओं की रक्षा की जानी चाहिए।
अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में गुटेरस के शेष कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं और बहुपक्षवाद के प्रति भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया।
