जम्मू/ 07 FEB । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को जम्मू में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, आईबी निदेशक, थल सेनाध्यक्ष, डीजीपी जम्मू-कश्मीर, CAPFs के महानिदेशक सहित शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने आतंकी इको-सिस्टम को ध्वस्त करने में सुरक्षा एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के समन्वित प्रयासों से जम्मू-कश्मीर में देश विरोधी ताकतों द्वारा पोषित आतंकवाद का नेटवर्क लगभग समाप्त कर दिया गया है।
आतंकवाद-मुक्त जम्मू-कश्मीर के लिए सरकार प्रतिबद्ध
अमित शाह ने दोहराया कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह आतंकवाद-मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने हाल के वर्षों में सुरक्षा स्थिति में आए सकारात्मक बदलावों को बनाए रखने के लिए सभी एजेंसियों को सतर्क और समन्वित ढंग से काम जारी रखने के निर्देश दिए।
सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने पर जोर
समीक्षा बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने के लिए इनोवेटिव उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।
De-radicalisation से मिली बड़ी सफलता
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि De-radicalisation के प्रयासों से आतंकवाद-मुक्त जम्मू-कश्मीर के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इन प्रयासों को और तेज़ करने पर बल दिया।
युवाओं के लिए रोजगार और अवसर जरूरी
अमित शाह ने निर्देश दिए कि युवाओं को आय अर्जित करने वाली गतिविधियों से जोड़ने के लिए स्टार्ट-अप इको-सिस्टम, खेल और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों को और प्रोत्साहित किया जाए। इससे युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलेगी और स्थायी शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हाल में मिली उपलब्धियों को बरकरार रखते हुए ‘आतंकवाद-मुक्त जम्मू-कश्मीर’ के सपने को जल्द से जल्द साकार किया जाए।
