जयपुर/अलवर, 4 फरवरी । प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जयपुर क्षेत्रीय इकाई ने बहरोड़ के पूर्व निर्दलीय विधायक बलजीत यादव को MLA फंड दुरुपयोग मामले में देर रात गिरफ्तार कर लिया। ED की टीम ने उन्हें दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास NHAI कार्यालय के समीप से हिरासत में लिया और आवश्यक पूछताछ के बाद औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की।
यह मामला विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) से जुड़े क्रिकेट व बैडमिंटन किट घोटाले से संबंधित है, जिसमें सरकारी स्कूलों को घटिया खेल सामग्री महंगे दामों पर सप्लाई करने का आरोप है।
क्या है पूरा घोटाला
जांच के अनुसार वर्ष 2021 में बलजीत यादव के विधायक रहते हुए अलवर जिले के 32 सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री की खरीद की गई थी।
आरोप है कि खेल किट बाजार मूल्य से ढाई से तीन गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं। सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब थी। इस पूरे मामले में लगभग 3.72 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
ED की जांच में सामने आया है कि सामग्री की आपूर्ति पूर्व विधायक से जुड़े सहयोगियों और रिश्तेदारों की फर्मों के माध्यम से की गई। इनमें प्रमुख रूप से बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स प्रा. लि., सूर्या इंटरप्राइजेज, राजपूत स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज, शर्मा स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज
शामिल हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं।
ACB से ED तक पहुंचा मामला
शुरुआत में यह केस एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में दर्ज हुआ था। बाद में इसे PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम) के तहत ED ने अपने हाथ में लिया।
जनवरी 2025 में ED ने बलजीत यादव और उनके सहयोगियों के 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी—
जयपुर में 8, दौसा और अलवर में 1-1 ठिकाना।
छापेमारी के दौरान 31 लाख रुपये नकद,
लाखों की ज्वेलरी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए थे।
भ्रष्टाचार विरोधी छवि पर बड़ा सवाल
बलजीत यादव 2018 से 2023 तक बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रहे। वे खुद को भ्रष्टाचार विरोधी नेता के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं। काले कपड़ों में विरोध प्रदर्शन,
भ्रष्टाचार की सूचना देने पर 50 हजार रुपये इनाम की घोषणा, सेंट्रल पार्क में दौड़ लगाकर जनजागरूकता अभियान उनकी पहचान का हिस्सा रहे।
अब उसी MLA फंड के कथित दुरुपयोग में गिरफ्तारी को राजनीतिक गलियारों में बड़ा झटका माना जा रहा है।
फिलहाल ED द्वारा उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में कोर्ट रिमांड, चार्जशीट और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
