नई दिल्ली, 01 FEB। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन कर्तव्यों—आर्थिक वृद्धि को तेज करना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका साथ–सबका विकास—से प्रेरित है।
युवा शक्ति संचालित बजट
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट युवा शक्ति द्वारा संचालित है और इसमें गरीब, शोषित और वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास के साथ भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है।
आर्थिक वृद्धि और निवेश
बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है। बायोफार्मा शक्ति मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
एमएसएमई को भविष्य के चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई विकास फंड प्रस्तावित किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, राष्ट्रीय जलमार्गों का विस्तार और शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास की योजना है।
शिक्षा, युवा और कौशल विकास
हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। एवीजीसी (एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स) सेक्टर के लिए स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट लैब स्थापित होंगी।
पर्यटन क्षेत्र में 20 प्रमुख स्थलों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। खेलो इंडिया मिशन को अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव का माध्यम बताया गया है।
कृषि और ग्रामीण भारत
किसानों के लिए भारत-विस्तार नामक बहुभाषी एआई टूल लाया गया है, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। मत्स्य पालन, पशुपालन और उच्च मूल्य कृषि को भी प्रोत्साहन दिया गया है।
कर सुधार और सुगमता
नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 2026 से लागू होगा। आयकर नियमों को सरल किया जाएगा और टीडीएस-टीसीएस दरों में राहत दी गई है। विदेशी यात्रा पैकेज पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है।
आईटी सेक्टर, डेटा सेंटर और विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कई कर रियायतें घोषित की गई हैं।
राजकोषीय स्थिति
वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान है, जबकि ऋण-जीडीपी अनुपात घटकर 55.6% रहने की संभावना है।
निष्कर्ष
केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत 2047 की दिशा में एक दूरदर्शी, युवा-केंद्रित और समावेशी बजट माना जा रहा है, जो आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण पर भी जोर देता है।
