अलवर में एक साथ लगे 730 अर्जुन के पौधे, ‘एक पेड़ प्रतिदिन’ संकल्प के दो वर्ष पूरे
अलवर | 17 जनवरी /मनीष बावलिया/ रेगिस्तान के नाम से पहचाना जाने वाला राजस्थान आने वाले समय में ‘हरियालो राजस्थान’ के रूप में नई पहचान बनाएगा। यह बात शनिवार को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने अलवर के कटी घाटी स्थित नगर वन में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान कही।
यह कार्यक्रम वन मंत्री संजय शर्मा के एक पेड़ प्रतिदिन लगाने के संकल्प के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत पंच गौरव योजना के अंतर्गत ‘एक जिला-एक वृक्ष’ अभियान में अलवर जिले के लिए चयनित अर्जुन वृक्ष के 730 औषधीय पौधे एक साथ लगाए गए।

पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वास्थ्य का संदेश
कार्यक्रम के दौरान अर्जुन वृक्ष उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को अर्जुन उत्पादों की किट वितरित की गई। पौधारोपण में आमजन, आईटीबीपी के जवानों और वन विभाग के कार्मिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर स्थानीय महिलाओं द्वारा मांगलिक गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर मंत्री संजय शर्मा भावुक नजर आए।
प्रधानमंत्री से प्रेरणा, ‘एक पेड़ प्रतिदिन’ का संकल्प
वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि
“दो वर्ष पहले आज ही के दिन वन विभाग का कार्यभार संभालते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवाचार के आह्वान से प्रेरित होकर प्रतिदिन एक पौधा लगाने का संकल्प लिया था, जो आज भी निरंतर जारी है।”
उन्होंने बताया कि 5 जून 2024 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान अब एक जन आंदोलन बन चुका है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
👉 अब तक
पिछले वर्ष: 7.5 करोड़ पौधे
वर्तमान वर्ष: करीब 12 करोड़ पौधे
सर्वाइवल रेट: लगभग 80%

अलवर को मिली बड़ी सौगातें, बनेगा NCR का सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क
वन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अलवर सांसद व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के सकारात्मक प्रयासों से अलवर को पिछले दो वर्षों में कई पर्यावरणीय सौगातें मिली हैं, जिनमें शामिल हैं— मातृ वन, गुरुनानक लंग्स वाटिका, मूंगस्का, अलवर बायोलॉजिकल पार्क
एनसीआर क्षेत्र का सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क अलवर में बनेगा, जहां देश-विदेश की 7 प्रजातियों के बाघ, अफ्रीका से जिराफ, लॉयन कुल 420 प्रजातियों के पशु-पक्षी रहेंगे।
जल संरक्षण और सरिस्का में बढ़ती बाघ संख्या
जल संरक्षण के लिए अखैपुरा, प्रतापबंध, भूरासिद्ध और भाखेड़ा में बड़े एनीकट बनाए जाएंगे, जिससे भू-जल रिचार्ज होगा।
वन मंत्री ने बताया कि सरिस्का टाइगर रिजर्व में अब 50 बाघ हैं। जीनपूल को मजबूत करने के लिए मध्यप्रदेश से बाघिन लाई गई है, आगे और प्रयास किए जाएंगे।
अधिकारियों के बयान
सीसीएफ जयपुर रामकरण खैरवा ने कहा कि संजय शर्मा का ‘एक पेड़ प्रतिदिन’ संकल्प वन विभाग और आमजन के लिए प्रेरणास्रोत बना है।
डीएफओ अलवर राजेन्द्र हुड्डा ने बताया कि अलवर शहर में अब तक 9 लाख पौधे
एनसीआर क्षेत्र में 1 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
बायोलॉजिकल पार्क और बटरफ्लाई पार्क की DPR स्वीकृत/तैयार हो चुकी है।
सीसीएफ सरिस्का संग्राम सिंह कटिहार ने कहा कि सरिस्का अभयारण्य निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे
सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, आईटीबीपी कमांडेंट सुल्तान सिंह, नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आईटीबीपी व वन विभाग के जवान और आमजन मौजूद रहे।
