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आरजीएचएस में अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई: 7 चिकित्सक निलंबित, अस्पताल व डायग्नोस्टिक सेंटर पर एफआईआर, पहले ही 19 एफआईआर, 64 कार्मिक निलंबित, 39 करोड़ रुपये की रिकवरी

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जयपुर, 14 फरवरी 2026।
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर राज्य सरकार ने एक बार फिर कड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में 7 चिकित्सकों को निलंबित किया गया है। साथ ही एक निजी अस्पताल और एक डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीकर के 7 चिकित्सक निलंबित

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि ऑडिट के दौरान अनियमितताएं सामने आने पर सीकर जिले में पदस्थापित 7 चिकित्सकों को निलंबित किया गया है। इनमें मेडिकल कॉलेज सीकर के अस्थि रोग विभाग और जनरल मेडिसिन विभाग के सह आचार्य सहित सीएचसी किरवा एवं एसके अस्पताल के चिकित्सक शामिल हैं।

अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर पर एफआईआर

आरजीएचएस योजना में अनुचित लाभ लेने पर भरतपुर के भरतपुर नर्सिंग होम और बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी किए गए हैं।

लाभार्थियों के कार्ड का दुरुपयोग, फर्जी क्लेम उजागर

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि भरतपुर नर्सिंग होम और कशिश फार्मेसी की मिलीभगत से आरजीएचएस में फर्जीवाड़ा कर राजकोष को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
डॉक्टर द्वारा आरजीएचएस में अधिकृत न होने के बावजूद योजना का बोर्ड लगाकर मरीजों को भ्रमित किया गया, एसएसओ आईडी-पासवर्ड लेकर फर्जी टीआईडी जनरेट की गई और जांच व दवाओं के फर्जी क्लेम एडजस्ट कर भुगतान लिया गया।

बिना जरूरत जांचें, फर्जी पर्चियां

बीकानेर के डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच में सामने आया कि कई मरीजों को बिना चिकित्सीय आवश्यकता के महंगी जांचें लिखी गईं। कुछ मामलों में HbA1c, RA Factor और Procalcitonin जैसी जांचों के रिकॉर्ड या चिकित्सकीय औचित्य नहीं मिले।
इसके अलावा, चिकित्सकों के नाम और सील फर्जी पाए गए। कुछ डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि वे उस दिन ओपीडी में उपस्थित ही नहीं थे या अवकाश पर थे, फिर भी उनके नाम से पर्चियां और जांचें दर्शाई गईं।

पहले भी हो चुकी है सख्त कार्रवाई

आरजीएचएस में गड़बड़ी को लेकर अब तक—

  • 19 एफआईआर दर्ज

  • 64 कार्मिक निलंबित

  • करीब 500 कार्ड ब्लॉक

  • लाभार्थियों से 2 करोड़ रुपये की रिकवरी

  • 33 अस्पतालों का TMS और 39 का भुगतान ब्लॉक

  • 8 अस्पताल डी-एम्पेनल

  • 212 फार्मेसी का TMS ब्लॉक

  • कुल 39 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की जा चुकी है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आरजीएचएस योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और जनधन की सुरक्षा के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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